यह घोषणापत्र अर्पित है उन भारतीय नागरिकों व सैनिकों को- जो एक मुर्दा क़ौम में रहते हुए भी- खुद को जिन्दा समझते हैं!

शनिवार, 21 मई 2016

"खुशहाल भारत": ई-बुक के रुप में-


इस ब्लॉग को कुछ समय के लिए बन्द किया जा रहा है. 
संशोधन एवं सम्पादन के बाद इसे eBook के रुप में प्रस्तुत किया जायेगा. 
JagPrabha.In 
पर. 
धन्यवाद. 


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