यह घोषणापत्र अर्पित है उन भारतीय नागरिकों व सैनिकों को- जो एक मुर्दा क़ौम में रहते हुए भी- खुद को जिन्दा समझते हैं!

बुधवार, 5 अक्तूबर 2016

अध्याय- 13: राष्ट्रीय बैंक


13.1   राष्ट्रीय सरकार एक राष्ट्रीय बैंक का गठन करेगी, जिसकी विशेषताएँ निम्नलिखित होंगी-
       (क) यह मुनाफे के स्थान पर देश के सामाजार्थिक उत्थान को प्राथमिकता देगी।
       (ख) इसकी छोटी शाखायें प्रत्येक पँचायत और वार्ड में; मँझोली शाखायें प्रखण्ड, नगर और उपमहानगर में, और बड़ी शाखायें जिला और महानगर में होंगी। (राज्यों के पुनर्गठन का जिक्र अध्याय- 19 में)
       (ग) इसके अलावे राज्य, अँचल और राष्ट्रीय स्तर की भी इसकी कुछ शाखायें होंगी, जो क्रमशः राज्य, अँचल तथा राष्ट्रीय प्रशासनिक कार्यालयों/मुख्यालयों के साथ सतत् सम्पर्क में रहेंगी।
       (घ) यहाँ जमा राशि पर निम्न वार्षिक दर से ब्याज दिया जायेगाः 1 हजार रु. से कम पर 12 प्रतिशत; 10 हजार रु. से कम पर 9 प्रतिशत; 1 लाख रु. से कम पर 6 प्रतिशत; 10 लाख रु. से कम पर 3 प्रतिशत, और 1 करोड़ रु. से कम की जमा राशि पर 1 प्रतिशत।
       (ङ) 1 करोड़ रु. या इससे अधिक की जमा राशि पर ब्याज देने के बजाय- सम्पत्ति करके रुप में- ब्याज लिया जायेगा। (जाहिर है, 1 करोड़ रू. या इससे ज्यादा की राशि लोग राष्ट्रीय बैंककी बजाय अन्यान्य बैंकों में जमा करेंगे; ऐसे में, सम्पत्ति-कर वसूलने की जिम्मेवारी सम्बन्धित बैंकों पर डाल दी जायेगी।)
       (च) यहाँ से निम्न वार्षिक ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराये जायेंगेः 10 हजार रु. से कम राशि पर 1 प्रतिशत (छोटी शाखाओं द्वारा), 1 लाख रु. से कम राशि पर 3 प्रतिशत (मँझोली शाखाओं द्वारा), 10 रु. लाख से कम राशि पर 6 प्रतिशत (बड़ी शाखाओं द्वारा), 1 करोड़ रु. से कम राशि पर 9 प्रतिशत (राज्य शाखाओं द्वारा), 10 करोड़ रु. से कम राशि पर 12 प्रतिशत (अँचल शाखाओं द्वारा) और इससे बड़ी राशि पर 15 प्रतिशत (राष्ट्रीय शाखाओं द्वारा)।
       (छ) इसी अनुपात में शाखाओं में लेन-देन भी होगा; अर्थात्- एक ग्राहक एक दिन में छोटी शाखा में अधिकतम 10 हजार रु. तक का लेन-देन कर सकेगा, मँझोली शाखाओं में 1 लाख रु. तक का, बड़ी शाखाओं में 10 लाख रु. तक का, राज्य शाखाओं में 1 करोड़ रु. तक का, अँचल शाखाओं में 10 करोड़ रु. तक का और राष्ट्रीय शाखाओं में 10 करोड़ रु. से अधिक का।
       (ज) 1 हजार रुपये तक के ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जायेगा; यानि, ग्राहक अपने खाते से जाने-अनजाने में शून्यराशि के बाद भी 1000 रुपये तक की राशि ज्यादा निकाल कर बाद में वापस जमा कर सकेंगे, जिसपर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
       (झ) इस बैंक में अलग से खाता संख्यानहीं दी जायेगी, बल्कि नागरिक पहचानपत्र’ (जिक्र अध्याय- 53 में) की संख्या को ही खाता संख्या माना जायेगा।
       (´ञ) यह बैंक अपने शिक्षित ग्राहकों को एक खास टैबलेटजारी करेगा, जो ग्राहक के पासवर्ड तथा अँगूठे (या किसी भी एक उँगली) के निशान से संचालित होगा- इस टैबलेट के माध्यम से ग्राहक एक-दूसरे के खाते में आसानी से लेन-देन कर सकेंगे।

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