यह घोषणापत्र अर्पित है उन भारतीय नागरिकों व सैनिकों को- जो एक मुर्दा क़ौम में रहते हुए भी- खुद को जिन्दा समझते हैं!

बुधवार, 5 अक्तूबर 2016

अध्याय- 38: भारतीय कम्प्यूटर प्रणाली


38.1        एक सम्पूर्ण भारतीय कम्प्यूटर प्रणाली विकसित की जाएगी, जिसके ऑपरेटिंग सिस्टम, प्रोग्राम, की-बोर्ड इत्यादि सभी सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर भारतीय भाषाओं/लिपियों पर आधारित होंगे।
38.2        साथ हीभारत का अपना एक इण्टरनेट (त्रिनेत्र’) होगा, जिससे इन कम्प्यूटरों को जोड़कर रखा जाएगा।
38.3        इस प्रणाली के तहत जो भारतीय कम्प्यूटर बनाये जायेंगे, उनके पाँच प्रकार होंगे- क) बालक, ख) किशोर, ग) युवा, घ) नागरिक और ङ) राजकीय; जाहिर है, इन पाँचों प्रकार के कम्प्यूटरों को इण्टरनेट सुविधा देने के लिए त्रिनेत्रके पाँच अलग-अलग प्रकार के सर्वर होंगे, जिनमें सामग्री भी बालकों, किशोरों, युवाओं, नागरिकों तथा सरकारी कर्मियों की जरुरत तथा पसन्द के मुताबिक होगी।
38.4        राष्ट्रीय सरकार अपनी तरफ से विद्यार्थियों को ये कम्प्यूटर कम कीमत पर उपलब्ध करायेगी, जबकि बाजार में ये बाजार भाव पर ही उपलब्ध होंगे।
38.5        भारतीय कम्प्यूटर भारतीय नागरिकों के लिए होंगे- आम तौर पर इन्हें किसी गैर-भारतीय के हाथों में नहीं पड़ने दिया जायेगा और इन्हें देश की सीमा के बाहर भी नहीं ले जाने दिया जायेगा।
38.6        भारतीय कम्प्यूटरों में अन्तरालफीचर अनिवार्य रुप से शामिल रहेगा, जिसके तहत कुछ समय चलते रहने के बाद थोड़े अन्तराल के लिए कम्प्यूटर की दृश्य व्यवस्थाअपने आप बन्द हो जाया करेगी और इस दौरान अपने उपयोगकर्ता को भी वह चहलकदमी करने की सलाह देगी- बालकश्रेणी के कम्प्यूटर में प्रत्येक आधे घण्टे पर; ‘किशोरश्रेणी में प्रत्येक 45 मिनट पर; ‘युवामें प्रत्येक घण्टे पर; ‘नागरिकमें डेढ़ घण्टे पर, और राजकीयश्रेणी के कम्प्यूटर पर प्रत्येक दो घण्टे पर इस अन्तराल की व्यवस्था की जा सकती है। 
               
                (टिप्पणीः चूँकि वर्तमान इण्टरनेट भारतीय कम्प्यूटरों पर नहीं चलेगा और भारतीय इण्टरनेट वर्तमान कम्प्यूटरों पर नहीं चलेगा, अतः लोगों को दो तरह के कम्प्यूटर रखने पड़ सकते हैं, मगर यह कोई बड़ी समस्या नहीं होगी।)

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