यह घोषणापत्र अर्पित है उन भारतीय नागरिकों व सैनिकों को- जो एक मुर्दा क़ौम में रहते हुए भी- खुद को जिन्दा समझते हैं!

बुधवार, 5 अक्तूबर 2016

अध्याय- 48: आम रिहाई


48.1        संगीन अपराधों के अभियुक्तों, दोषियों और आदतन अपराधियों/हिस्ट्रीशीटर को छोड़कर शेष समस्त कैदियों को जेलों से रिहा किया जाएगा।
48.2        रिहाई कई चरणों में हो सकती है- जैसे, बीमार, बुजुर्ग, महिला, नाबालिग, विचाराधीन इत्यादि।
48.3        आम रिहाई पाने वालों के पुनर्वास के लिए सरकार विशेष ध्यान देगी। (अध्याय- 29 बे-सहारों के लिए।)

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