यह घोषणापत्र अर्पित है उन भारतीय नागरिकों व सैनिकों को- जो एक मुर्दा क़ौम में रहते हुए भी- खुद को जिन्दा समझते हैं!

बुधवार, 5 अक्तूबर 2016

अध्याय- 49: आन्तरिक सुरक्षा (पुलिस)



                रक्षकतक्षक
48.1        एक नयी पुलिस व्यवस्था कायम की जायेगी, जिसमें सिर्फ लम्बे कद के युवाओं को भर्ती किया जाएगा।
48.2        नयी पुलिस व्यवस्था में दो बल होंगेः-
                (क) सफेद-काली वर्दी वाली पुलिस समाज के अन्दर नागरिकों की हितैषी बनकर रहेगी और सफेदपोशअपराधियों को पकड़ने का काम करेगी- इस बल को रक्षकनाम दिया जायेगा।
                (ख) सम्पूर्ण काली वर्दी वाली पुलिस समाज के बाहर बैरकों में रहेगी और भूमिगतएवं फरारअपराधियों से निपटेगी- इस बल को तक्षकनाम दिया जायेगा।
48.3        ‘रात्री गश्तकी जिम्मेवारी भी सम्पूर्ण काली वर्दी वाली पुलिस यानि तक्षकको दी जा सकती है।
48.4        कहने की आवश्यकता नहीं कि दोनों बलों को बिल्कुल अलग-अलग किस्म के प्रशिक्षण दिए जायेंगे। (सफेद-काली वर्दी वाली पुलिस वालों से विनम्र व्यवहार की उम्मीद की जायेगी, जबकि सम्पूर्ण काली वर्दी वाली पुलिस वालों के ख्याल से ही भूमिगत/फरार अभियुक्तों/दोषियों की रूह काँप जानी चाहिए।)
48.5        पुलिस व्यवस्था राज्यों के ही अधीन रहेगी, मगर पुलिस वालों को प्रशिक्षण राष्ट्रीय सरकार द्वारा राष्ट्रीय प्रशिक्षण केन्द्रों में दिया जाएगा।
                गृहरक्षक
48.6        थाना स्तर पर स्थानीय युवाओं को लेकर एक गृहरक्षकबल का भी गठन किया जाएगा। (इसमें लंबे कद की आवश्यकता नहीं रहेगी और यह पूरी तरह से राज्य सरकार की पुलिस होगी।)
                देवदूतबल
48.7        विभिन्न प्रकार की त्रासदियों से निपटने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित एवं सुसज्जित एक देवदूतबल का गठन किया जाएगा।
48.8        ‘शक्ति सेनाकी तरह इनका आवास भी जिला स्तर पर बनने वाला खेल गाँव’ (क्रमांक- 34.7) ही होगा- इस प्रकार, आपात्कालीन स्थितियों में राहत कार्य का अपना प्राथमिक कर्तव्य निभाने के अलावे बाकी समय में ये खेल गाँवकी देखभाल कर सकेंगे।
                भारतीय चीता
48.9        आतंकवादियों से निपटने के लिये खास ढंग से प्रशिक्षित एवं सुसज्जित एक कमाण्डो बल का गठन किया जायेगा, जिसे भारतीय चीतानाम दिया जा सकता है।

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